साहित्यिक मुरादाबाद(sahityik moradabad)

भारत
के उत्‍तर प्रदेश में अवस्थित मुरादाबाद साहित्‍य , ज्‍योतिष और कला के
त्रिभुज को आयामित करने वाला ऐतिहासिक जनपद रहा है । इस जनपद के कण-कण में
अतीत के इतिहास एवं साहित्यिक परंपरा की गूंज है। प्राचीन ग्रंथों में इस
जनपद का विवरण मिलता है। इस जनपद का हर क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण योगदान रहा
है। हिंदी साहित्‍य में इस जनपद की उल्‍लेखनीय एवं सक्रिय भागीदारी रही
है। हिंदी साहित्‍य के इतिहास संबंधी अनेक ग्रंथों में यहां के
साहित्‍यकारों का संकेत मिलता है। आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल के हिंदी
साहित्‍य के इतिहास में जनपद के तीन साहित्‍यकारों पं ज्‍वाला प्रसाद मिश्र
, पं बल्‍देव प्रसाद मिश्र तथा पं ज्‍वाला दत्‍त शर्मा का उल्‍लेख है। डा
श्‍याम सुंदर दास , मिश्र बंधु , आचार्य चतुर सेन, डारामकुमार वर्मा ,डा
धीरेंद्र वर्मा , डा प्रेम नारायण टंडन ,क्षेमचंद्र सुमन आदि साहित्‍यकारों
ने भी अपने ग्रंथों में यहां के साहित्‍यकारों का उल्‍लेख किया है।
वर्तमान में भी यहां अनेक साहित्‍यकार
हिंदी साहित्‍य के क्षेत्र में अपना अमूल्‍य योगदान दे रहे हैं।मुरादाबाद
के साहित्यिक इतिहास के साथ-साथ वर्तमान साहित्यिक गतिविधियों से आप सभी को
परिचित कराने का लघु प्रयास है यह समूह।
डा.मनोज रस्तोगी ,8,जीलाल स्ट्रीट, मुरादाबाद244001,उप्र
मोबाइल फोन9456687822