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राशि के अभाव में मनरेगा ठपBy Prabhat Khabar | Publish Date: Nov 22 2014 6:23AM | Updated Date: Nov 22 2014 6:23AMFacebook Twitter Google+ LinkedIn
भागलपुर: जिला में इन दिनों मनरेगा का काम ठप होकर रह गया है. राशि के अभाव में मनरेगा के तहत होनेवाले सभी काम फिलहाल बंद हैं. यह स्थिति जून से ही है. राशि के अभाव में मनरेगा मजदूरों का भुगतान भी लंबित है और अब उन्हें काम की तलाश में भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक राम ईश्वर ने बताया कि राशि की डिमांड सरकार से की गयी है और अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया है. जिला के सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत फिलहाल करीब 15 हजार योजनाओं में काम चल रहा है. जून माह से इस मद में राशि नहीं मिलने के कारण इनमें अधिकांश योजनाएं फिलहाल ठप हो गयी हैं. इन योजनाओं में काम करनेवाले मजदूरों को भी भुगतान नहीं हो पाया है. डीआरडीए से मिली जानकारी के अनुसार मजदूरों का लगभग सात करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान फिलहाल लंबित है. भुगतान नहीं होने व राशि के अभाव के कारण कार्य ठप होने से सबसे अधिक परेशानी मजदूरों को हो रही है. उन्हें काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. इसके अलावा जून से ही राशि के अभाव के कारण योजनाओं के पूर्ण होने का प्रतिशत भी बहुत ही कम है. वित्तीय वर्ष 2014-15 में लगभग 1600 योजनाएं ही पूर्ण हो पायी हैं. जून माह से ही आवंटन नहीं मिलने के कारण जिला की ओर से फिलहाल करीब 18 करोड़ रुपये की डिमांड की गयी है. पंचायतों में काम ठप मनरेगा के तहत फिलहाल 170 पंचायत में किसी भी प्रकार के कार्य नहीं हो रहे हैं. इन पंचायतों में एक लाख रुपये से भी कम की राशि अवशेष है. नियम के अनुसार 8800 से कम जनसंख्या वाले पंचायत में मनरेगा के तहत कम से कम छह लाख रुपये इससे अधिक की जनसंख्या वाले पंचायत में कम से कम 10 लाख रुपये दिया जाता है. योजना के तहत पंचायतों में एक लाख रुपये से कम की राशि अवशेष होने पर तत्काल डिमांड की जाती है. फिलहाल जिला में 200 के करीब पंचायत ऐसे हैं, जहां एक लाख रुपये से कम राशि अवशेष है. इस वजह से ऐसे पंचायत में मनरेगा के तहत फिलहाल सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं.